जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी:पीएम मोदी

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नई दिल्ली:वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद होने वाले भारतीय जवानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं देश को इस बात के लिए आश्वस्त करता हूं। हमारे लिए देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। भारत शांति चाहता है, लेकिन माकूल जवाब देने का सामर्थ रखते हैं।देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं शहीदों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, जवानों और उनके परिवार को भरोसा दिलाता हूं कि देश आपके साथ है, स्थिति कुछ भी हो देश आपके साथ है। भारत अपने स्वाभिमान और हर एक इंच जमीन की रक्षा करेगा।’

बुधवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वायरस पर वार्ता के पहले पीएम मोदी ने चीन सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश को भरोसा देता हूं कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि सैनिक मारते-मारते मरे हैं. इसके साथ ही शहीद जवानों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया.

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने हमेशा से अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर काम किया है. हमेशा उनके विकास और कल्याण की कामना की है. जहां कहीं मतभेद भी रहे हैं, हमने हमेशा ये प्रयास किया है कि मतभेद विवाद न बने. हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं हैं. लेकिन अपने देश की अखंडता और संप्रभुता के साथ समझौता भी नहीं करते. जब भी समय आया है हमने देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, अपनी क्षमताओं को साबित किया है.’

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘त्याग और तपस्या हमारे चरित्र का हिस्सा है. विक्रम और वीरता भी हमारे चरित्र का हिस्सा है. देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता. इसमें किसी को भी भ्रम नहीं होना चाहिए. भारत शांति चाहता है लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है और हमारे दिवंगत शहीद वीर जवानों के विषय में देश को इस बात का गर्व होगा कि वे मारते-मारते मरे हैं.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि गलवान में सैनिकों को खोना बेहद परेशान करने वाला और दर्दनाक है। हमारे सैनिकों ने साहस और वीरता का प्रदर्शन किया और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपरा को निभाते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया। राष्ट्र उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

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