अगले महीने फ्रांस से मिलेगी राफेल की पहली खेप !

0
7
191008_101719.jpg_SR_

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी तनातनी के बीच भारतीय वायुसेना के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. सूत्रों ने बताया कि 27 जुलाई को अंबाला में पहली चार राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Aircraft) लैंड हो सकते हैं. हो सकता है कि भारतीय वायुसेना के अनुरोध पर फ्रांस कुल 6 राफेल विमान की डिलीवरी करे. 27 जुलाई को राफेल की डिलीवरी फ्रांस द्वारा भारत को की जाएगी और चार विमान अंबाला में लैंड करेगा. हालांकि वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर राफेल के आने की तारीख को कन्फर्म नहीं किया है.
गेमचेंजर हथियारों की डिलिवरी का सिलसिला शुरू हो गया है. Scalp और Meteor मिसाइल की डिलिवरी शुरू हो गई है. भारतीय वायुसेना की गोल्डन एरो स्क्वाड्रन अगस्त में राफेल विमानों के साथ मोर्चा संभाल लेगी. बताया जा रहा है कि फ्रांस से भारतीय पायलट राफेल को भारत ला रहे हैं.सरकार के सूत्रों की मानें तो जुलाई तक भारत को राफेल विमान मिलेंगे, जिनमें 150 किमी. तक की रेंज में मेट्योर मिसाइल लगी होगी. यानी चीन से मिलने वाली हर चुनौती का भारत करारा जवाब देगा. भारतीय वायुसेना के पायलट ने इन विमानों की ट्रेनिंग ले ली है, ऐसे में जैसे ये भारत पहुंचेंगे तो काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार होंगे.

भारत ने सितंबर, 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की डील की थी। यह डील तकरीबन 59 हजार करोड़ रुपये की थी। इन विमानों के जरिए भारत की वायुसेना को और ताकत मिलेगी।सूत्रों ने बताया, ‘हम जानते हैं कि लगभग 10 राफेल लड़ाकू विमान डसॉल्ट एविएशन द्वारा तैयार हैं। संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी के पास अल ढफरा हवाई अड्डे पर एक स्टॉपओवर के साथ जुलाई-अंत में भारत में छह राफेल लड़ाकू विमानों के लाने की तैयारी चल रही है। इन विमानों को भारतीय पायलट उड़ाकर लाएंगे।
सूत्रों ने कहा, ‘पहली खेप में सभी 10 लड़ाकू विमानों की डिलीवरी नहीं की जा रही है। फ्रांस में भी कुछ विमानों की जरूरत होगी, जिससे भारतीय वायुसेना के पायलट और क्रू को और ट्रेनिंग दी जा सके।’ उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी वायुसेना अपने एयरबस A330 मल्टी-रोल टैंकर परिवहन (MRTT) विमान का इस्तेमाल करके रास्ते में राफेल लड़ाकू विमान में ईंधन भरेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here