बुवा-भतीजा को राहुल की धमकी,यूपी में कांग्रेस को कम आंकने की न करें गलती

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नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यूपी में कांग्रेस को कम आंकना गलत और एक बहुत बड़ी भूल होगी। कांग्रेस अध्यक्ष 11 जनवरी से संयुक्त अरब अमीरात के यात्रा पर जा रहे राहुल गांधी ने यूपी में पार्टी की रणनीति को लेकर ‘गल्फ न्यूज’ से बातचीत की। साक्षात्कार में राहुल ने इशारों ही इशारों में अकेले चुनाव लड़ने की बात भी कही। उन्होंने कहा, ‘कई रोमांचक चीजें हैं जो कांग्रेस यूपी में कर सकती है। उत्तर प्रदेश को लेकर कांग्रेस की रणनीति काफी पावरफुल है। लिहाजा उत्तर प्रदेश में हमें अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है और हम लोगों को चौंका देंगे।’राहुल ने कहा, ‘हमारा पहला लक्ष्य श्री नरेंद्र मोदी को हराना है. ऐसे कई राज्य हैं, जहां हम काफी मजबूत हैं, जहां हम मुख्य पार्टी हैं और बीजेपी से हमारा सीधा मुकाबला है. कई ऐसे राज्य हैं, जहां गठबंधन हो सकता है- जैसे महाराष्ट्र, झारखंड, तमिलनाडु, बिहार. इन राज्यों में हम गठबंधन के फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं.

राहुल गांधी ने संकेत दिया कि यूपी में अगर गठबंधन नहीं होता है तो उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ सकती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस यूपी में काफी मजबूत है और इस राज्य में पार्टी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. राहुल ने कहा, ‘कांग्रेस यूपी में अच्छा कर सकती है. कांग्रेस का विचार यूपी में काफी मजबूत है. इसलिए हमें यूपी में अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा है और हम लोगों को चकित कर देंगे.सपा-बसपा के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा करने के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम विपक्ष को एक साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं। बिहार, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, झारखंड, चंद्रबाबू नायडू के साथ आंध्र प्रदेश में और जम्मू- कश्मीर में यह हो रहा है। मैंने मीडिया में कई बयान सुने हैं मगर मोदी जी को हारने के लिए हम साथ काम करने जा रहे हैं। मैं यह फिर से कहना चाहूंगा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को कम आंकना एक भूल होगी।
उन्होंने कहा, ‘मोदी मुझसे बात नहीं करते. वह मिलते हैं तो अभिवादन भी मौन तरीके से ही होता है. उन्हें कम से कम ‘हेलो’ बोलना चाहिए. हालांकि, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से कई सबक ‘उपहार’ में मिले हैं.उन्होंने कहा, ‘श्री नरेंद्र मोदी काफी गुस्से में रहते हैं और मेरे बारे में वह जो कुछ बोलते हैं, वह काफी हद तक इस गुस्से का ही नतीजा होता है. लेकिन कई ऐसी चीजें भी वे कहते हैं जिन पर मैं गौर करता हूं. उदाहरण के लिए मेरे परिवार के प्रति वह जो आरोप मढ़ते हैं. उनका आरोप मेरे प्रति घृणा और गुस्से का नतीजा होता है. वह कहते हैं- देखिए, आप एक ऐसी जगह से आते हैं जिसमें आपको कई सहूलियतें हासिल हैं और यह सच है! मुझे यह स्वीकार करना होगा कि यह बात सच है. मैं इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता कि मेरा परिवार राजनीति में है.’

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