ज़बर्दस्ती मुसलमानों को खिलाया जा रहा है शराब और सुवर का गोश्त

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शिनजियांग.इन दिनों विश्व भर में मुसलमान अपना पवित्र पर्व रमज़ान बना रहे हैं और रोज़ा रख कर अपने मालिक के क़रीब होने की कोशिश के साथ साथ अपनी गलतियों को अपने परवरदिगार से माफ़ करवाने के लिए पूरी लगन के साथ इस महीने में इबादत कर रहे हैं। अच्छी बात यह है की दुनिया में दूसरे धर्म के मानने वाले भी इस में मुसलमानों का बड़ा साथ दे रहे हैं और उनका ख़ास ख्याल रख रहे हैं।

लेकिन दूसरी तरफ एक देश चीन है जहाँ मुसलमानों के साथ इस महीने में काफी घिनौना बर्ताव किया जा रहा है। चीन पर चौंकाने वाली रिपोर्ट अमेरिका के मशहूर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में छपी है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां मुसलमानों पर नीतिगत तरीके से अत्याचार किया जा रहा है। कुछ दिन पहले मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया था कि चीन ने अपने यहां की मुस्लिम आबादी को शिक्षित करने के लिए कैंप खोले हैं, लेकिन इन कैंपों से निकले कुछ लोगों ने अपनी जो आपबीती सुनाई वो परेशान करने वाली है। यहां से निकले कुछ मुसलमानों का कहना है कि वहां जिन्दगी नर्क थी।रीएजुकेशन कैंप में रहे एक शख्स ऊमर बेकाली ने कहा, इन कैंपों में घटिया क्वालिटी का खाना दिया जा रहा है। कुछ अच्छा मांगने पर सजा के तौर पर जबरन सूअर का मांस और शराब पिलाई जाती है।

जो इस्लाम में हराम है।इस कैंप से निकले एक और शख्स कयारत समरकंद ने कहा कि उसकी गलती सिर्फ ये थी कि वह मुस्लिम है और पड़ोसी देश कजाखस्तान गया था। सिर्फ इसी आधार पर उसे अरेस्ट कर लिया गया। तीन दिन तक कड़े सवाल-जवाब किए गए और फिर नवंबर में चीन के शिनजियांग में 3 महीने के लिए ‘रीएजुकेशन कैंप’ में भेज दिया गया.समरकंद ने कहा कि इस कैंप में उन्हें लगातार टॉर्चर का सामना करना पड़ा और उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश की गई। उन्हें हर दिन घंटों कम्युनिस्ट पार्टी का प्रॉपेगैंडा पढ़ने को मजबूर किया गया। सारे मुसलमानों से हर दिन राष्ट्रपति शी चिनफिंग को शुक्रिया कहने वाले और उनकी लंबी उम्र की कामना वाले नारे लगवाए गए।समरकंद के मुताबिक जो मुसलमान कैंप में नियमों का पालन नहीं करते थे या बहस करत थे तो उनके हाथों और पैरों में तकरीबन 12 घंटों के लिए बेड़ियां बांध दी जाती थी।’ इसके अलावा नियमों का पालन न करनेवालों के मुंह में गंदा पानी डाल दिया जाता था।

मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यूरोपियन स्कूल ऑफ कल्चर ऐंड थियॉलजी इन कोर्नटल के आद्रियान जेंज़ ने कहा है कि चीन के इन रीएजुकेशन कैंप में कई हजार मुस्लिमों को रखा गया है। शिनजियांग प्रांत में करीब 1 करोड़ 10 लाख मुस्लिम हैं जिसमें से बड़ी संख्या को एजुकेशन कैंप के नाम पर हिरासत में रखा गया है।और उनके उपर अत्याचार हो रहा है। इस पवित्र महीने में भी उनको तरह तरह से सताया जा रहा है। शराब और सुवर का गोश्त जो इस्लाम में हराम है ,ज़बरदस्ती उन मुसलमानों को खिलाया जा रहा है। यह सब मानवता के विरुद्ध है।

बता दें की चीन में मुसलमानो पर अत्याचार की कहानी कोई नई नहीं है। हर रमजान में उन पर रोज़ा रखने पर पाबंदी लगा दी जाती है। दाढ़ी रखने पर रोक है। और इबादत से ले कर अन्य धार्मिक कार्य पर वहां पाबंदी लगा दी गई है। लेकिन अजीब बात यह है की ना ही मुस्लिम देश और ना ही विश्व का अन्य देश इस चीन के खिलाफ आवाज़ उठाता है और ना ही मुसलमानो का दर्द समझने की कोशिश करता है।

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