नितीश कुमार के नाम रवीश कुमार का खुला खत

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प्रिय बिहार सरकार ( यदि है)

आज भी एक पत्र आया है। आप सभी इन पत्रों को पढ़ कर बोर होने लगे होंगे। वैसे नौजवान भी नहीं पढ़ते हैं। वो सिर्फ अपनी परीक्षा से संबंधित ख़बर पढ़कर हिन्दू मुस्लिम में लग जाना चाहते हैं। लेकिन उनके मेसेज की मायूसी थोड़ी परेशान करती है। क्या उम्र है इनकी। किन परेशानियों से गुज़रते होंगे ये।

सर नमस्ते 🙏

उम्मीद है कि आप सकुशल होंगे।

हमने बिहार के पंचायती राज विभाग में तकनीकी सहायक पद(संविदा) के लिए september 2018 मे अप्लाई 
किया था,55 पद के लिए Counselling Nov 2018 मे ही हो गयी थी लेकिन अब तक बहाली नहीं हो पायी। 
मात्र 22 पद पर 2 महीने पहले बहाली शेष 33 पद अब भी खाली है

इसी बीच मेरी माँ 15 may 2019 को अचानक दुनिया छोर कर चली गयी।
वो भी आस में थी के बेटे को गृह ज़िला में जॉब मिल जाएगा

सब कुछ छोर कर दिल्ली से घर आ गया हूँ। पिताजी की देखभाल के लिए। समझ नहीं आता क्या करे।

बहुत हिम्मत कर के आपको msg किया। जानता हूँ आप के लिए आसान नहीं हैं स्टोरी करना। 
कहीं ना कहीं आपको दुखी कर रहा हूँ।

माफी चाहता हूँ

प्रेषक
अज्ञात


नाम नहीं दे रहा क्योंकि उसे परेशान न किया जाए। कई बार मैं ख़ुद झुंझला जाता हूं कि बड़ी बड़ी ख़बरों के
संसार में कहां इन सबके चक्कर में फंस गया। जो गाली देते हैं, जो मुझे चकमा देते हैं उनके लिए क्या करूं। 
पर इस शर्त पर तो हम कोई ख़बर ही न लिखें। मैं लिखकर मैं मुक्त हो जाता हूं। लगता है कि मैंने इनसे
नफ़रत नहीं की।ये अच्छे ही होंगे। इनकी परेशानी इन्हें क्या क्या बना देती होगी। 
मैं इनके अच्छे भविष्य की कामना करता हूं।

प्रिय बिहार सरकार ( यदि है)आज भी एक पत्र आया है। आप सभी इन पत्रों को पढ़ कर बोर होने लगे होंगे। वैसे नौजवान भी नहीं…

Posted by Ravish Kumar on Friday, August 23, 2019

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