शिवहर में महागठबंधन ने उतारा पैराशूट उम्मीदवार

0
167

शिवहर :(रहमत कलीम) बिहार महागठबंधन में शिवहर लोकसभा की सीट को लेकर काफी खींचातानी देखने को मिली। खुद राजद के अंदर इस सीट पर बगावत इस अंदाज़ में देखने को मिली के लालू परिवार में ज़बरदस्त फुट पड़ गया ,लालू प्रसाद के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ मंत्री तेज प्रताप यादव ने मज़बूर हो कर परिवार और पार्टी से अलग हट कर लालू राबड़ी मोर्चा भी बना दिया ,इस के पीछे सब से बड़ा कारण शिवहर लोकसभा सीट पर टकड़ाव था। तेज प्रताप अभी तक इस बात पर अड़े हुए हैं की शिवहर से अंगेश सिंह को टिकट दिया जाना चाहिए ,जबकि पार्टी ने शिवहर से एक ऐसे उम्मीदवार को टिकट दे दिया जिसको शिवहर की जनता सही से जानती भी नहीं ,यह दूसरा प्रश्न है की शिवहर को वह कितना जानते हैं जिनको राजद ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
दरअसल महागठबंधन में सीट बटवारे के दौरान शिवहर की सीट राजद के खाते में आ गई और राजद ने काफी माथा पेची कर के अंत में उर्दू पत्रकार फैसल अली को अपना उम्मीदवार बना दिया। सैयद फैसल अली शिवहर को कितना जानते यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन पर्याप्त जानकारी के अनुसार शिवहर की जनता फैसल अली को सही से नहीं जानती।
ऐसे में शिवहर के लोगों का कहना है की महागठबंधन ने शिवहर पर पैराशूट उम्मीदवार को उतारा है ,अब देखना यह होगा की लोकसभा के चुनाव में फैसल राजद के हक़ में सफल फैसला साबित करने में सफल होते हैं या नहीं ,यह तो आने वाले समय में ही साफ़ हो पाएगा ,लेकिन एक बात तय है की अगर शिवहर की सीट से राजद के यह उम्मीदवार कामयाब नहीं होते हैं तो तेज प्रताप जो अंगेश सिंह के लिए टिकट मांग रहे हैं उनका क़द पार्टी में कुछ हद तक बड़ा हो जाएगा या फिर उनके बगावत के सुर और मज़बूत हो जाएंगे। ऐसे में बुध के दिन लालू प्रसाद को अदालत से अगर ज़मानत मिल जाती है तो फिर देखने वाली बात होगी के लालू तेज प्रताप को कैसे मनाते हैं और शिवहर की सीट पर दिए गए टिकट पर क्या विचार रखते हैं.
लेकिन वहीँ दूसरी तरफ शिवहर में राजद के कार्यकर्ता पार्टी के इस फैसले से अधिक खुश नज़र नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है की शिवहर और इस के आसपास के छेत्र में नेताओं और दावेदारों की कोई कमी नहीं है फिर भी पार्टी ने ऐसा फैसला ले कर सब को हैरान कर दिया है। लोगों का कहना है की शिवहर में अजित कुमार झा ,अँगेश सिंह,फ़ारूक़ शेख यह सब ऐसे नेता हैं जो फैसल से कही अच्छी पकड़ शिवहर में रखते हैं। या ऐसा भी हो सकता था की कांग्रेस लीडर लवली आनंद को ही राजद में शामिल करके वहां से उम्मीदवार बना दिया जाता ,जैसा के जदयू ने सीतामढ़ी में किया है ,चूँकि शिवहर में लवली आनंद और अजीत कुमार झा की बहुत ही मज़बूत पकड़ है ,इस लिए इनमे से किसी को अगर राजद टिकट देती तो वह ज़्यादह उचित था। अब देखना होगा की शिवहर में राजद उम्मीदवार लालटेन जलाने में सफल हो पाते हैं या फिर कमल को खिलने के लिए कीचड़ अधिक पैदा करेंगे। लेकिन यह तो अभी से माना जा रहा है की शिवहर लोकसभा सीट पर उतारे गए उम्मीदवार फैसल अली के नाम से वहां की जनता हैरान है। और मुमकिन है की जल्द बगावत भी आपको देखने को मिले।

आप को बता दें की फैसल अली गया के रहने वाले हैं। यह 18 वर्षों तक अरब न्यूज़ में संपादक की भूमिका निभा कर जब हिंदुस्तान लौटे तो उर्दू न्यूज़ पेपर सहारा के ग्रुप एडिटर बनाए गए ,फिर सहारा को छोड़ कर उन्होंने अपना उर्दू न्यूज़ पेपर निकालना शुरू कर दिया जिसका नाम सच की आवाज़ है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here