Tik Tok ऐप से बैन हटने पर कंपनी का आया बड़ा बयान

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नई दिल्ली : Tik Tok ऐप को है कोर्ट की मदुराई बेंच द्वारा अप्रैल 4 को एक आर्डर दिया गया था। इस आर्डर में Tik Tok वीडियो ऐप को बैन करने की बात कही गई थी। इसके पीछे कारण दिया गया था की यह ऐप पोर्नोग्राफी और साइबरबुली को बढ़वा दे रही है। इसके बाद, Apple और Google ने अपने-अपने प्ले-स्टोर से इन ऐप को रिमूव कर दिया था। अब, इस केस में एक नया मोड़ आया है, मद्रास हाई कोर्ट ने इस प्रतिबन्ध को हटा दिया है।

कोर्ट ये फैसला एक PIL के बाद आया जिसमें एक शख्स ने Tik Tok बैन करने के लिए PIL फाइल की थी. IT मिनिस्ट्री के एक अधिकारी के मुताबिक मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने गूगल और ऐपल को लेटर लिख कर Tik Tok ऐप को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा. आखिरकार गूगल ने 18 अप्रैल को Tik Tok ऐप पर बैन लगाया और अपने स्टोर से हटा लिया यानी डाउनलोड पर रोक लग गई.

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने Tik Tok से बैन हटाने का फैसला किया है. Tik Tok बयान आ चुका है. Tik Tok ने कहा है, ‘हम इस फैसले से खुश हैं और हमें विश्वास है कि इस फैसले का स्वागत टिक टॉक कम्यूनिटी भी करेगी. हम हमारे यूजर्स को बेहतर तरीके से सर्व किए जाने के लिए दिए गए इस मौके के लिए आभारी हैं. हम लागातर अपने प्लेटफॉर्म को गलत इस्तेमाल होने से रोकेंगे और काम यहीं खत्म नहीं होता है. हम अपनी सेफ्टी फीचर्स को बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

हालांकि डाउनलोड पर रोक तो लगी, लेकिन फिर भी जिनके पास टिक टॉक ऐप था वो इसे यूज कर रहे थे. इसे कंपनी का नुकसान भी हुआ है और रिपोर्ट के मुताबिक इस बैन से हर दिन कंपनी को 5 लाख डॉलर का नुकसान हो रहा था. निश्चित तौर पर ये कंपनी के लिए बड़ी राहत की खबर है. लेकिन अब पूरी उम्मीद है कि कंपनी अपनी पॉलिसी में कुछ बदलाव करेगी, ताकि भविष्य में ऐसा न हो.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में कोई राहत नहीं मिलने पर पिछले हफ्ते लोकप्रिय वीडियो ऐप TikTok को ऐप स्टोर्स से हटा दिया गया था. भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Google और Apple से इस चीनी वीडियो एप्लिकेशन TikTok को हटाने के लिए कहा था, जिसके बाद इस ऐप को एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म से ब्लॉक कर दिया गया है.

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