अमेरिका में ”दिवार” पर टकराव,ट्रंप की ज़िद और एमर्जेन्सी की स्थिति….

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वाशिंगटन :अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूएस-मेक्सिको बॉर्डर वॉल पर अपने रुख पर सख्ती से कायम रहते हुए मंगलवार की रात अपना पक्ष एवं तर्कों को राष्ट्र के सामने रखेंगे. सरकार के आंशिक रूप से ठप पड़े कामकाज को फिर से शुरू करने से पहले वह इस मुद्दे का हल चाहते हैं.
राष्ट्रपति के तौर पर ट्रंप अपने ओवल ऑफिस (कार्यालय) से यह पहला भाषण देंगे। इसके बाद वह मेक्सिको सीमा पर दीवार की जरूरत पर बल देने के लिए वहां का दौरा करेंगे। ट्रंप का कहना है कि अवैध आव्रजन रोकने के दीर्घकालिक समाधान के लिए US-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाना जरूरी है। इस बीच US-मेक्सिको सीमा पर ट्रंप के दौरे को लेकर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने ट्वीट कर कहा है, ‘राष्ट्रपति इस दौरे का उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा एवं मानवीय संकट से निपटने के काम में लगे लोगों से मिलने के लिए करेंगे।’

राष्ट्रपति ने ओवल ऑफिस से पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया और बॉर्डर की समस्या निपटाने के लिए लोगों से आगे आने की अपील की. उन्होंने गुरुवार रात टीवी पर दिए अपने संबोधन में डेमोक्रेट्स का ध्यान इस ओर खींचा और इसे इंसानी और लोगों के दिलो-दिमाग का बड़ा संकट करार दिया. साथ ही ट्रंप ने सुरक्षा और लोगों की भलाई के लिए जितना जल्द हो सके फंडिंग पर जोर दिया.अमेरिकी राष्ट्रपति ने डेमोक्रेट्स से खास अपील की और उनसे व्हाइट हाउस में मिलने का आग्रह किया. उन्होंने इतना तक कह दिया कि ‘देश के नेताओं का कुछ न करना इससे बड़ा अनैतिक कुछ नहीं हो सकता.’ गौरतलब है कि ट्रंप जब से सत्ता में आए हैं, उनका अवैध प्रवासियों के खिलाफ ज्यादा जोर रहा है. इसे बंद करने का वे कई बार प्रण ले चुके हैं. ट्रंप का मानना है कि मैक्सिको बॉर्डर पार से आने वाले प्रवासियों को रोकने के लिए स्टील की दीवार बनाई जानी चाहिए लेकिन दीवार का खर्च ज्यादा होने के कारण वे इसमें सबकी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने देश के खर्च में कटौती का भी प्रस्ताव दिया है.

हालांकि आलोचक ट्रंप की इन बातों से सहमत नहीं हैं और वे मानते हैं कि सुरक्षा का मुद्दा बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है और इसे इंसानियत के नाम पर परोसा जा रहा है. अमेरिका में यह मुद्दा इसलिए भी ज्यादा गरम है क्योंकि ट्रंप बॉर्डर समस्या को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दीवार बनाना चाहते हैं लेकिन पिछली रात तक उन्होंने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया.

बता दें कि खर्चों के लिए फंड का अनुमोदन न मिलने से लगातार तीन हफ्ते से सरकारी कामकाज आंशिक रूप से बंद है, जिस कारण हजारों संघीय कर्मचारियों को शुक्रवार को भी अपनी तनख्वाह नहीं मिली। दरअसल, सरकार के आंशिक रूप से ठप पड़े कामकाज को फिर से शुरू करने से पहले ट्रंप इस मुद्दे का हल चाहते हैं।

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