ट्रंप ने प्रदूषण के लिए भारत और चीन को ठहराया जिम्मेदार

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नई दिल्ली :अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन और रूस पर निशाना साधते हुए कहा है कि इन तीनों देशों में प्रदूषण और स्वच्छता की भावना नहीं है. उनका ये बयान विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के उस डेटा के बाद आया है जिसमें कहा गया है कि अमेरिका की तुलना में इन तीनों देशों में औसत वायु प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक है, जबकि जब कार्बन उत्सर्जन के मामले में अमेरिका शीर्ष देशों में से एक है.अमेरिकी राष्ट्रपति तीन दिन की राजकीय यात्रा पर सोमवार को ब्रिटेन पहुंचे थे। उन्होंने यहां ब्रिटिश चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘चीन, भारत और रूस और कई अन्य देशों में न ही साफ हवा है, न ही शुद्ध पानी। इन देशों में स्वच्छता की समझ काफी कम है। उन्हें अपनी जिम्मेदारी का अहसास नहीं है।ट्रम्प ने कहा कि सोमवार को उन्होंने बकिंघम पैलेस में प्रिंस चार्ल्स के साथ चाय पर मुलाकात की थी।

मैं पर्यावरण के लिए उनकी प्रतिबद्धता से प्रभावित हूं। चार्ल्स ने मुझमें जलवायु परिवर्तन से लड़ने की भावना जगाई। हम एक ऐसी दुनिया चाहते हैं जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर हो। प्रिंस चार्ल्स और मेरे बीच करीब 15 मिनट बात हुई। इस दौरान उन्होंने केवल जलवायु परिवर्तन को लेकर ही बात की।अमेरिका 2016 में पेरिस जलवायु समझौता से बाहर हो गया था। इस समझौते का उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और ग्लोबल वार्मिंग को 2 डिग्री सेल्सियस तक कम करना है। रोहडियम समूह द्वारा जनवरी में जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में अमेरिका ने 3.4% ज्यादा कार्बन उत्सर्जन किया। यह पिछले 8 सालों में सबसे ज्यादा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार से तीन दिन की राजकीय यात्रा पर यहां आए हैं. उन्होंने बकिंघम पैलेस में प्रिंस चार्ल्स के साथ चाय पर बातचीत की. ट्रंप ने बुधवार को प्रसारित साक्षात्कार में ‘आईटीवी’ से कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बेटे चार्ल्स ने जलवायु परिवर्तन विषय पर अच्छी तरह से बातचीत की. ट्रंप ने कहा, ‘‘हम 15 मिनट बातचीत करने वाले थे. लेकिन यह बातचीत डेढ घंटे चली. और ज्यादातर समय वह ही बोले. वह जलवायु परिवर्तन विषय पर संजीदा हैं और मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी बात है, मतलब यह कि मैं यह चाहता हूं, मुझे यह पसंद है.’’

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