19 जुलाई को तुर्की में मनाई जाएगी एक और ईद,अर्दोगान ने बड़े फैसले का किया इशारा

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अंकारा :तुर्की में रविवार को प्रकाशित एक नए आदेश के मुताबिक प्रशासन ने पुलिस अधिकारियों, सैनिकों और शिक्षाविदों समेत 18,500 से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। सरकारी गजट में कहा गया कि ”राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले आतंकी संगठनों और समूहों से संबंध के संदेह में एक आकस्मिक आदेश के तहत 8,998 पुलिस अधिकारियों समेत 18,632 लोगों को बर्खास्त किया गया है।प्रशासन के आदेश के मुताबिक 8,998 पुलिस अधिकारियों और थल सेना के 3,077 सैनिकों को बर्खास्त किया गया है. जबकि वायुसेना के 1,949 और नौसेना के 1,126 सैनिकों के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की गई है. आदेश में कहा गया कि विधि मंत्रालय और इससे जुड़े संगठनों से 1,052 लोकसेवकों को हटाया गया है. इसके साथ ही जेंडारमेरी के 649 और तटरक्षक बलों में तैनात 192 लोगों को भी बर्खास्त किया गया है

.अल जजीरा के मुताबिक इस आदेश में तीन अखबार, एक टीवी चैनल और 12 संगठनों को भी बंद कर दिया गया है. नए आदेश के तहत प्रशासन ने 199 शिक्षाविदों को भी बर्खास्त किया है. वहीं अतीत में बर्खास्त किए गए 148 कर्मचारियों को फिर से बहाल किया गया है.राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान की सरकार को उखाड़ फेंकने के प्रयास के बाद जुलाई 2016 से तुर्की में अपातकाल लगा हुआ है. इसके 19 जुलाई को खत्म होने का अनुमान है.

19 जुलाई को खत्म होने वाले इस अपातकाल की अवधि को सात बार बढ़ाया जा चुका है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को देश से अपातकाल हटाया जा सकता है.बता दें कि 25 जून को ही रेसेप तईप एर्दोगन ने पूर्ण बहुमत से जीत हासिल कर तुर्की के राष्ट्रपति बने हैं। एर्दोगन को 97.7 फीसदी मतगणना में पूर्ण बहुमत मिला। एर्दोगन को कुल 52.54 फीसदी वोट मिले जबकि उनकी विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) के उम्मीदवार मुहर्रम इंसे को 30.68 फीसदी वोट मिले।

ऐतिहासिक जीत से गदगद एर्दोगन ने अपने विजयी संबोधन में कहा था कि इस चुनाव का विजेता लोकतंत्र, लोगों की इच्छा और हर 8.1 करोड़ नागरिक है। मैं एक बार फिर देश को बधाई देना चाहूंगा। यह लोकतंत्र की एक और परीक्षा रही और हमने इसे सफलतापूर्वक पास कर लिया। एर्दोगन 2014 में राष्ट्रपति बने थे। वह इससे पहले 11 वर्षो तक देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं।

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