लंदन कोर्ट ने माल्या को दिया अब तक का सब से बड़ा झटका

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नई दिल्ली :भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को लंदन की अदालत ने सोमावार को बड़ा झटका दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, माल्या के प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ दी गई याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। ऐसे में विजय माल्या के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया है. माल्या के पास अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का रास्ता बचा है, जिसमें कम से कम छह सप्ताह और लग सकते हैं.इससे पहले माल्‍या ने अपने प्रत्‍यर्पण को ब्रिटिश गृह मंत्री साजिद जाविद द्वारा दी गई मंजूरी के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी. चीफ मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बुथनॉट ने माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी और कर्ज के पर्याप्त सुबूत हैं. जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि माल्या बैंकों से धोखाधड़ी की साजिश में शामिल थे.

विजय माल्‍या ने गुरुवार को लंदन कोर्ट को बताया था कि अब उसके पास गुजर-बसर करने के लिए पैसे नहीं हैं. माल्या का कहना है कि वह अपनी पार्टनर, पर्सनल असिस्टेंट, परिचित कारोबारियों और बच्चों पर निर्भर है.UK जुडिशरी के एक प्रवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने विजय माल्या को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने बताया, ‘जस्टिस विलियम डेविस ने 05 अप्रैल को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की अनुमति देने के उनके ऐप्लिकेशन को अस्वीकार कर दिया।’ प्रवक्ता ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता (माल्या) के पास मौखिक विचार के लिए अप्लाइ करने को 5 दिन हैं। अगर फिर से कोई आवेदन किया जाता है तो हाई कोर्ट के जज के सामने जाएगा।

ब्रिटिश कानून के मुताबिक पुनर्विचार प्रक्रिया में संक्षिप्त मौखिक सुनवाई होगी जिसमें माल्या और भारत सरकार की तरफ से मौजूद टीमों की तरफ से दलीलें रखी जाएंगी। इसके बाद जज यह फैसला लेंगे कि इस पर पूर्ण सुनवाई की जरूरत है या नहीं। गौरतलब है कि माल्या मार्च 2016 से UK में हैं और अप्रैल 2017 में प्रत्यर्पण वॉरंट जारी होने के बाद से वह बेल पर हैं।

बता दें कि विजय माल्या पर 9 हजार करोड़ रुपये की कर्ज अदायगी न करने का आरोप है। माल्या गिरफ्तार के डर से मार्च 2016 में लंदन भाग गया था। उसके खिलाफ सीबीआई का लुकआउट नोटिस कमजोर किया गया था और इसी का फायदा उठाकर वह लंदन भाग गया।

 

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