उत्तर प्रदेश में एक साथ दो मंदिर,एक मस्जिद और सात मज़ार पर हुई करवाई,जानिये क्या है मामला

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लखनऊ :देश में मंदिर और मस्जिद को लेकर जारी बहस के बीच उत्‍तर प्रदेश के जालौन जिले में दोनों समुदायों के लोगों ने समझदारी की मिसाल पेश करते हुए एक पुल के निर्माण के लिए अपनी-अपनी इबादतगाहों को दूसरे स्‍थान पर ले जाने पर रजामंदी दे दी.करीब 14 साल से लंबित इस पुल के निर्माण के लिए हिन्‍दुओं और मुसलमानों ने आपसी रजामंदी से दो मंदिरों, सात मजारों और एक मस्जिद को दूसरे स्‍थान पर ले जाने का फैसला किया. इसके अलावा फ्लाईओवर के निर्माण के लिए रास्‍ते में पड़ रही दरगाह की एक दीवार को भी आपसी सहमति से गिरवा दिया गया.इस अभियान को आपरेशन सहयोग का नाम दिया गया था।

अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सुबह से पुलिस, पीएसी व आरएएफ के फोर्स की मौजूदगी मे धार्मिक स्थल हटाने का काम शुरू हुआ। दुर्गा मंदिर में पुजारी ने पूजा-अर्चना की, देवी को प्रसाद चढ़ाया। इसके बाद एडीएम प्रमिलकुमार सिंह की मौजूदगी में सर्व प्रथम इस मंदिर का ढांचा गिराया गया।

मंदिर की मूर्ति छोड़ दी गई, जिसे कहीं और शिफ्ट किया जाएगा। यहां के बाद फुलपावर चौराहे पर तकी मस्जिद को भी गिरा दिया। मजार का मुख्य चबूतरा नहीं तोड़ा गया। इस दौरान किसी को भी नहीं आने दिया जा रहा था। नगर में डेढ़ किलोमीटर हाईवे वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2008-2009 में हाईवे प्राधिकरण ने निर्माण के लिए ध्वस्तीकरण किया गया तो कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी। इसके बाद सड़क के दोनों तरफ भवनों को तोडऩे का काम रोक दिया गया। बीच में मंदिर व मजार भी आ रहे थे।

अधिकारियों के मुताबिक जिले के राजमार्ग के प्रस्तावित डिजाइन में मार्ग के बीच दोनों ही धर्मों के धार्मिक स्थल होने के कारण बीते 14 साल से सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा था। कुछ दिनों पहले दोनों ही समुदाय के लोगों ने आगे बढ़कर इन धर्मस्थलों की दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की दिशा में आम सहमति बनाई, जिसके बाद प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में शनिवार को इन्हें अन्य स्थानों पर सम्मानपूर्वक शिफ्ट कराया गया। इस प्रक्रिया के लिए प्रशासन द्वारा अभियान के बीच भारी सुरक्षाबलों की भी तैनाती की गई, लेकिन सबकुछ शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो गया।

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