JNU छात्रों का सुब्रमण्यम स्वामी के मुंह पर तमाचा,UPSC के 32 में से 18 सीटों पर किया क़ब्ज़ा

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नई दिल्ली :जेएनयू में काफी समय से तनाव का माहौल देखा जा रहा है। ऐसे में जेएनयू के सपोर्ट में काफी लोगों के साथ कई बॉलीवुड सितारे भी खुलकर आए हैं। वहीं, इससे अलग एक मत यह भी है कि जेएनयू में पढ़ाई से ज्यादा वहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का ध्यान दूसरे मुद्दों पर ज्यादा रहता है। इन विवादों के बीच एक ऐसा खबर आई है, जो एक राहत की बात है। दरअसल, हाल ही में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने इंडियन इकोनॉमिक्स सर्विसेज (IES) परीक्षा 2019 के परिणाम जारी किए हैं।इस परीक्षा में जेएनयू के 18 छात्रों ने सफलता हासिल की है।

इंडियन इकोनॉमिक्स सर्विसेज (IES) में ऑल इंडिया लेवल पर इसमें सिर्फ 32 सीटें होती हैं और अकेले जेएनयू कैंपस के छात्रों ने 32 में से 18 सीटों पर बाजी मारी है. इस परिणाम के आते ही ये साफ हो गया है कि जेएनयू छात्रों पढ़ने का माहौल देता है और यहां का शिक्षा स्तर काफी बेेहतर है.हाल में हुई हिंसा के बाद एक बार फिर जेएनयू को लेकर अलग-अलग बहस जारी हैं. सत्ताधारी दल से जुड़े राइट विंग राजनेता लगातार जेएनयू पर टुकड़े-टुकड़े गैंग का आरोप लगाते हैं, जबकि लेफ्ट विंग से जुड़े नेता और छात्र नेता जेएनयू को बेस्ट यूनिवर्सिटी बताकर मौजूदा सरकार पर उसे बर्बाद करने का आरोप लगाते रहते हैं.

याद रहे की वरिष्ठ बीजेपी नेता तथा राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को जेएनयू को बंद करने का सुझाव दिया था। स्वामी ने अहमदाबाद के थलतेज में एक निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा था कि सरकार को जेएनयू को लेकर बड़ा कदम उठाना चाहिए। इसकी सफाई के लिए इसे कम से कम दो साल के लिए बंद कर देना चाहिए और जब यह शुरू हो तो इसका नाम बदल कर सुभाष चंद्र बोस विश्वविद्यालय कर दिया जाना चाहिए।

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