चीन,अमेरिका में बिजनस वॉर से भारत में आएंगे ”अच्छे दिन”:रिपोर्ट

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नई दिल्ली :भारत उन देशों में शामिल है, जिन्हें विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका व चीन के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव से लाभ हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भारत का निर्यात तकरीबन 3.5 फीसदी बढ़ जाएगा। बता दें कि पिछले साल मार्च में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से स्टील और एल्युमीनियम उत्पादों के आयात पर भारी शुल्क लगा दिए जाने के बाद से अमेरिका और चीन आपसी ट्रेड वार में उलझे हुए हैं। चीन ने भी जैसे को तैसा की नीति के तहत अमेरिकी उत्पादों के आयात पर अरबों डॉलर का शुल्क लगा दिया था।यूएन कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड ऐंड डिवेलपमेंट (यूएनसीटीएडी ) की सोमवार की रिपोर्ट में कहा गया कि वॉशिंगटन और पेइचिंग के बीच चल रहे टैरिफ युद्ध (एक दूसरे के सामानों पर शुल्क लगाना) का फायदा कई देशों को होगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, फिलीपींस, पाकिस्तान और वियतनाम प्रमुख हैं। ‘द ट्रेड वॉर्स: द पेन ऐंड द गेन’ शीर्षक की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘द्विपक्षीय टैरिफ उन देशों में काम कर रही फर्मों के लाभ के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बदल देते हैं, जो उनसे सीधे प्रभावित नहीं होते हैं।
अमेरिका और चीन के बीच की व्यापार विवाद सुलझ नहीं पा रहा। हालांकि, दिसंबर में दोनों देश इस बात पर सहमत हुए थे कि नए टैरिफ 90 दिनों तक प्रभावी नहीं होंगे। इस दौरान दोनों देश बातचीत के जरिए कोई ऐसा रास्ता तलाश कर सकते हैं, जिससे टकराव को खत्म किया जा सके। अमेरिका ने कहा है कि एक मार्च तक समाधान नहीं निकल पाया तो वह चीन के 142 लाख करोड़ के सामान पर टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 25% कर देगा। यूएनसीटीएडी की प्रमुख पामेला कोक-हेमिल्टन का कहना है कि दोनों के बीच टकराव खत्म नहीं होता तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा।

हेमिल्टन का कहना है कि गरीब और छोटे देशों को ट्रेड वॉर जैसी वजहों से ज्यादा झटका लगेगा। ईस्ट एशियन सप्लाई चेन में काम कर रही बहुत सारी कंपनियों को हटना पड़ जाएगा। ईस्ट एशियन प्रोड्यूसर्स को इसकी वजह से 113. 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस उठापटक से पूरी दुनिया प्रभावित होगी।हेमिल्टन का कहना है कि ट्रेड वॉर की वजह से करंसी की वैल्यू कम होगी। उसके बाद जो स्थिति बनेगी उससे रोजगार घटेंगे। चीन,स्टील और संबंधित उत्पादों का अमेरिका को निर्यात करता था। दोनों देशों के बीच करीब 250 बिलियन डॉलर का व्यापार होता था। लेकिन अमेरिका ने जब चीन पर प्रतिबंध लगाया तो वो एक्सपोर्ट में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई और वो करीब 6 फीसद है। इसी तरह से चीन को अमेरिकी निर्यात में अब करीब पांच फीसद रह गया है। ऐसे हालात में दोनों देशों के पास स्टील प्रोडक्ट डंप हो गए हैं।

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