राम रहीम को मिली उम्रकैद की सज़ा,पत्रकार हत्या केस में अदालत ने सुनाया फैसला

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नई दिल्ली :पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामला में दोषी करार दिए गया डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम समेत चार अन्य दोषी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए जज के सामने पेश हुए. राम रहीम हाथ जोड़कर जजमेंट सुन रहा था . जजमेंट सुनते हुए राम रहीम के चेहरे पर उदासी छा गई. जज के सामने राम रहीम के वकील दया की अपील की. पत्रकार के परिवार की तरफ से फांसी की मांग की गई थी.और अब कोर्ट ने अपना फैसला सूना दिया है और राम रहीम को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई है। पच्चास हज़ार रूपए का जुर्माना भी लगाया गया है। सभी आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है। आपको बता दें की पहले बाबा को बीस साल की सज़ा काटने के बाद यह उम्रकैद की सजा शुरू होगी ,पहले बीस साल रेप के दोष में दिए गए जेल की सजा काटेंगे फिर शुरू होगी उम्रकैद की सजा। यानी अब यह साफ़ हो गया है की राम रहीम अब पूरी ज़िंदगी जेल में ही रहेंगे।

सुनवाई के दौरान जज ने रामरहीम से पूछा के आपको कुछ कहना है ? इसके जवाब में राम रहीम ने कहा की हमारे जो वकील कह रहे हैं वही हमारी बात है। वहीं सीबीआई के वकील ने सज़ा ए मौत की मांग की जब की बचाव पक्ष के वकील ने उम्र क़ैद और कम से कम सज़ा दी जाइये ,इस बीच वकील ने राम रहीम के अच्छे कारनामों का भी हवाला दे कर उन पर रहम करने की मांग की है बता दें की इस से पहले बाबा को रेप के दोष में दो केस के अंदर दस दस साल के जेल की सज़ा दी जा चुकी है।


आज यानी 17 जनवरी को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या के दोषी गुरमीत राम रहीम व कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में अब प्रत्यक्ष रूप से पेश नहीं किया गया. मामले की संवेदनशीलता व प्रदेश में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए सीबीआई कोर्ट ने सरकार की याचिका मंजूर कर ली थी.

आपको बात दें कि 11 जनवरी को पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट ने सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम, कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को दोषी करार दिया गया था, जिसमें चारों आरोपियों गुरमीत राम रहीम , कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को IPC की धारा 302 और IPC की धारा 120बी के तहत दोषी करार दिया गया है, जबकि आरोपी कृष्ण लाल को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 29 के तहत भी दोषी करार दिया गया है. साथ ही आरोपी निर्मल सिंह को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 25 के तहत भी दोषी करार दिया गया है. बता दें की 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या हुई थी जिस पर आज अदालत ने अपना फैसला सूना दिया है।

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