महिलाओं को दो राज्यों ने आरक्षण का दिया सौगात,लोकसभा से पहले बड़ी घोषणा

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नई दिल्ली :चुनवा की तारीख के एलान से पहले इस बार पार्टियों ने अपनी अपनी सरकार के पेटारे से राज्य स्तर पर महिलाओं के लिए बड़ा उपहार निकाला है। दरअसल महिलाओं को रेज़र्वेशन देने का एक बड़ा काम दो राज्यों ने आज ठीक चुनाव की तारीख के एलान से पहले कर दिया है . और वह दो राज्य मध्यप्रदेश और ओडिसा है जहाँ महिलाओं के लिए वहां की सरकार ने आरक्षण का एलान किया है।
मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 फीसदी आरक्षण वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान पहले ही लागू है। इस अध्यादेश पर मुहर के साथ ही से प्रदेश में कुल कोटा 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ओबीसी के लिए आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी करते हुए शनिवार को एक अध्यादेश लाई थी।
अधिकारियों के अनुसार मंजूरी के बाद मध्यप्रदेश भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) ने राज्य में भाजपा का शिवराज सिंह चौहान के काल में ऐतिहासिक समर्थन किया था। वह समुदाय के सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले नेता हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को ओबीसी के 50 प्रतिशत वोट मिले थे लेकिन उसे कांग्रेस के मुकाबले केवल 109 सीटों पर जीत मिली। वहीं कांग्रेस ने राज्य की 114 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस समय राज्य की 29 में से 26 लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है जबकि बची हुई सीटें कांग्रेस के खाते में हैं।

वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के ठीक बाद ओडिशा में सत्ताधारी पार्टी ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। बीजेडी ने आगामी लोकसभा चुनाव में कम से कम 33 फीसदी टिकट महिलाओं को देने का ऐलान किया है। उल्लेखनीय है कि देश में महिलाओं की राजनीति में भूमिका बढ़ाने के लिए लंबे समय से बहस जारी है, केंद्र में महिला आरक्षण बिल लाने की मांग की जाती रही है।राज्य के केंद्रपाड़ा में बीजेडी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, ‘मैंने लोकसभा चुनाव के लिए 33 फीसदी टिकट महिलाओं के लिए आरक्षित करने का फैसला लिया है। मुझे इस बात की खुशी है।’ गौरतलब है कि 21 लोकसभा सीटों वाले ओडिशा से फिलहाल सिर्फ दो महिलाएं लोकसभा सांसद हैं। राज्य में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। बता दें कि 147 विधायकों मेें से फिलहाल सिर्फ 12 महिलाएं हैं।पटनायक ने यह बयान एक महिला स्व-सहायता समूह के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने यह भी कहा, ‘पार्टी के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र ने भी सराहा है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में अच्छा प्रयास बताया।’ गौरतलब है कि केंद्र में महिला आरक्षण बिल का मामला लंबे समय से अटका हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सत्ता में आने पर इस बिल को पास करवाने का आश्वासन दिया था।

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